बिहार में नई सरकार के गठन के बाद शुरू हुए ‘बुलडोजर अभियान’ का सबसे बड़ा विरोध मंगलवार को किशनगंज में देखने को मिला। खगड़ा से कालू चौक तक अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई शुरू होते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया और लोगों में अफरा-तफरी फैल गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व नोटिस के अचानक घरों को तोड़ना शुरू कर दिया। दावा किया गया कि 60 से अधिक मकान ढहा दिए गए। कई प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों से थोड़ा समय मांगा था, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। आरोप तो यह भी है कि कुछ अधिकारियों ने कथित रूप से 1500-1500 रुपये लेकर एक घंटे की मोहलत देने की बात कही, लेकिन समय पूरा होने से पहले ही बुलडोजर लेकर पहुंच गए और घर गिरा दिए। इससे लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
विरोध इतना बढ़ गया कि भीड़ ने CO राहुल कुमार को घेर लिया। उनके साथ करीब 10 पुलिसकर्मी थे, फिर भी स्थिति बेकाबू होती देख CO को दौड़कर मौके से निकलना पड़ा। गुस्साई भीड़ ने नगर परिषद कर्मचारी कमलेश की पिटाई कर दी और JCB मशीन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
उधर, प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने का निर्देश DM के आदेश पर दिया गया था और प्रभावित लोगों को पहले से सूचना भी दी गई थी। हालांकि, लोगों के आरोपों ने पूरी कार्रवाई को विवादों में घेर लिया है। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि हालात नियंत्रण में रहें।